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Sunday, 26 July 2015

विश्व हेपेटाइटिस दिवस २८ जुलाई


मैंमैं यहाँ आकड़ो के साथ अपना लेख प्राम्भ करना चाहता हूँ, विश्व स्वस्थ्य संगठन(वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन) के अनुसार ४०० मिलियन (४० करोड़) लोग हेपेटाइटिस बी. और सी से ग्रसित हैं और इस बीमारी के साथ जी रहे हैं, प्रतिबर्ष १.४० मिलियन(१४ लाख) लोगो की मृत्यु हो जाती हैं, और यह सब होता हैं केवल इस बीमारी की पूरी तरह जानकारी और रोकथाम के तरीके का पूरी तरह से न पता होने के कारण, हम व्यापक तौर पर समाज मैं इस के खिलाफ जानकारी और समझ को फैलाकर प्रतिदिन औसतन ४००० जिन्दगिया बचा सकते हैं |

इसे २८ जुलाई को मनाने का मुख्य मकसद समाज मैं सही जानकारी फैलाना हैं ताकि हम लोगो को सही समय पर करीबी अस्पताल और उपचार केन्र्द पंहुचा कर उनकी जाँच करवा पाए, ठीक ५ बर्ष पहले २०१० मैं विश्व स्वास्थ संगठन ने कुछ खास बीमारियों के प्रति चिन्तन पश्चात् हेपेटाइटिस से होने वाली मौतों पर विश्लेष्ण किया, प्रतिदिन ४००० लोग पुरे विश्व मैं अपनी जान गवां देते हैं, तो उन्होंने व्यापक कदम उठाते हुए, सही जानकारी और उपचार को लोगो तक पहुचाने के लिए विश्व हेपेटाइटिस दिवस को २८ जुलाई को मनाने की घोषणा की, सामाजिक मिडिया के बढ़ते हुए प्रयोग को देखते हुए |
विश्व स्वस्थ्य संगठन ने ट्विटर एक मुहीम चलायी हैं, जिसका नाम “ हर एक मौत के लिए एक आवाज़”(voice for every death)  दिया गया हैं, आप अपनी फोटो और अपनी आवाज़ को हाश्ताग(#) के साथ #4000वॉइसेस (#4000voices) कर के भेज सकते हैं, सीधे तौर पर इस मुहीम का मतलब इस दिन मरने वाले ४००० लोगो की आप आवाज़ बनकर, कल परसों, इस महीने, इस पुरे बर्ष और आने वाले सालो मैं प्रति दिन हेपेटाइटिस से मरने वालो की संख्या को कम करते हुए हम पूरी तरह इस बीमारी का नामोनिशान मिटा सकते हो |
हेपेटाइटिस से हो रही मौतों के मामलो मैं, हमारा भारत देश, चीन के बाद दुसरे पायदान पर हैं |

आखिर हेपेटाइटिस क्या हैं ?
सही तौर पर आप के फेफड़ो पर सुजन के साथ हेपेटाइटिस की शुरुआत होती हैं, इसको होने के बहुत से कारण हैं जिनमे शराब, ड्रग्स से लेकर गन्दा पानी और दूषित खाने तक से हो सकता हैं, बाद मैं यह फेफड़ो के कर्क रोग मैं तब्दील हो सकता हैं, मुख्यत: हेपेटाइटिस के अलग-अलग विषाणु आते है जिन्हें  ए, बी, सी, डी, इ के अंर्तगत विभाजित किया गया हैं,
हेपेटाइटिस ए- मूलतः यह विषाणु  संक्रमित व्यक्ति और दूषित खाना, दूषित पानी के कारण फैलता हैं इसके सब से अधिक मरीज ऐसी बस्तियों मैं पाय जायंगे जहा साफ सफाई का पूर्णत ध्यान न रखा जाता हो|
हेपेटाइटिस बी- यह विषाणु संक्रमित खून, वीर्य और मुख्य तौर पर सम्भोग के द्वारा भी फैल सकता है|
हेपेटाइटिस सी- इसका विषाणु संक्रमित खून से ही फेलता, हैं मुख्य तौर पर इंजेक्सन द्वारा, ख़ास तौर पर ड्रग्स के आदि लोगो मैं भी यह पाया जाता हैं |
हेपेटाइटिस डी-पहले से हेपेटाइटिस बी से संक्रमित लोगो मैं हेपेटाइटिस डी की सम्भावना जयादा हैं और यह पहले से भी घातक हो सकता हैं|
हेपेटाइटिस इ- इसका मुख्य कारण दूषित खाना और दूषित पानी ही हैं |
समस्त हेपेटाइटिस विषाणु समय रहते, दवा और टीका लेने पर नियन्त्र मैं लाये जा सकते हैं, बस समय रहते हमें अपने करीबी उपचार केन्द्रों मैं पहुचना होगा|


अंत मैं इतना कहना चाहूँगा हूँ की विश्व स्वास्थ संगठन की मुहीम का हिस्सा बनकर आज हम एक साथ खड़े हो और हेपेटाइटिस को जड़ से मिटाने की शपथ ले, अब हम अपने घरो, अपने मोहल्लो, अपने शहरो से यहाँ तक की आपने देश से अब कोई और मौत नहीं होने देंगे |
धन्यवाद
आरिन

समस्त आकडे और बीमारी की जानकारी, www.who.int से ली गई हैं |

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