१५ जुलाई विश्व युवा कौशल दिवस के तौर पर मनाया जाना हैं, यह ११ नवम्बर २०१४ को श्री लंका की पहल पर संयुक्त राष्ट्र ने घोषित किया, इसका उद्देश्य विश्व पटल पर युवाओ मैं कौशलता को बढावा देना हैं, ताकि वो रोजगार के अवसर प्राप्त कर पाए, युवाओ का बढ़ा वर्ग जो की बेरोजगार हैं और अल्परोजगार की समस्या से गुजर रहा हैं|
इस दिवस को समस्त विश्व युवाओ मैं कौशल विकास के अवसर लाने के लिए अधिक से योजनाओ और नए कौशल पाठ्यक्रम को सरकारी नीतियों मैं लाना चाहता हैं ताकि देश के युवाओ मैं कौशलता की अधिकाधिक बढोतरी की जा सके और रोजगार के अवसर को बढाया जा सके, मूलतः भारत मैं मोदी सरकार भी इस दिन को बड़े पैमाने पर अपनी नयी योजनाओ का क्रियान्वयन करने वाली हैं, जिस मैं कौशल विकास पे ही धयान दिया जाएगा, इसके अंतर्गत ४० करोड़ देश के युवाओ को २०२२ तक कौशल विकास के अंतर्गत शिक्षित करने का सरकार का एक अनुमान हैं,
आज बहुत से भारतीय युवा प्राथमिक शिक्षा से भी वंचित हैं, उन्होंने पढाई या तो प्राथमिक शाला के पहले या बाद मैं ही छोड़ दी हैं मुलत: यह सब जनसँख्या का गरीबी रेखा से नीचे रहने वालो की आम कहानी हैं.
लोगो के पास या तो रुपए नहीं रहते की वो अपने शाला
और उच्च्च शिक्षा तक भी नहीं पूरा कर पाते हैं, और परिवार मैं रूपए कामने के लिए
और पूर्णत समर्थन न मिलने पर लोग छोटे मोटे रोजगारो मैं लग जाते हैं|
सरकार द्वारा कौशल विकास का बहुत महत्त्वपूर्ण माना हैं, आदर्श आई.टी.आई इसका बड़ा उदहारण हैं और सरकार द्वारा खास कर के मोदी जी ने स्किल इंडिया मिशन(कौशल भारत मिशन) को बढ़ावा दे रही हैं, १५ जुलाई को इस से सम्बंधित और योजनाओ को प्रकाश मैं लाया जायेगा|
सरकार द्वारा कौशल विकास का बहुत महत्त्वपूर्ण माना हैं, आदर्श आई.टी.आई इसका बड़ा उदहारण हैं और सरकार द्वारा खास कर के मोदी जी ने स्किल इंडिया मिशन(कौशल भारत मिशन) को बढ़ावा दे रही हैं, १५ जुलाई को इस से सम्बंधित और योजनाओ को प्रकाश मैं लाया जायेगा|
राजीव प्रताप सिंह रूडी जी
(राज्यमंत्री-कौशल विकास और उधमिता) के अनुसार, प्रधानमंत्री जी, कौशल भारत मिशन
का आगाज करेंगे, जिसमे स्किल लोन स्कीम( कौशल ऋण योजना) शामिल हैं, अगर एक व्यक्ति जिसने प्रधानमंत्री कौशल विकास
योजना के अंतर्गत प्रमाण पत्र दिया गया हैं उन्हें स्किल कार्ड वितरित किये जायंगे|
यह आधार कार्ड की तरह स्किल कार्ड
रहेगा जिसे आप अपने जेब मैं लेकर घूम सकते हैं इस पर कुछ अंक और क्यू. आर.(शब्द)
रहेंगे जो की आपके मोबाइल पर भी उपलब्ध पर भी रखे जा सकते हैं, इस स्किल कार्ड से
मोबाइल को जोड़ना एक तरीके का प्रमाणीकरण हैं, जो की मोबाइल उपभोक्ता के मोबाइल पर
भी यह बिशेष अंक रख सकता हैं, यह व्यक्ति बिशेष को प्रदान किया गया अंक होगा जिसे
किसी और को हस्तांतरित नहीं किया जा सकता|
मोदी जी का मानना हैं की वो २०२२
तक ४०.२ करोड़ लोगो को उनकी रूचि के अनुसार कौशल विकास किया जाएगा|
हमारा देश पूर्णत विकासशील देश हैं, देश के विकास के साथ ही साथ जनसंख्या मैं भी बढोतरी हो रही हैं, परिवार नियोजन पर पिछली और अभी की सरकार का पूरा धयान हैं पर फिर भी अनपढ़ भारत और कहा जाये तो पिछड़ते भारत को समझाना और बढती हुई आबादी को कम करना बमुश्किल हैं, जब हमारी आबादी बढ़ रही हैं तो हमारे देश मैं पिछड़े हुए लोगो की भीड़ सी हो गयी हैं, यह पिछड़े लोगो को हम दो वर्ग मैं बाँट सकते हैं ऐसे लोग जो की अनपढ़ हैं, और दुसरे जिन्होंने कुछ हद तक पढाई की हैं पर कौशल और व्यावसायिक शिक्षा के आभाव मैं अच्छे रोजगार से वंचित हैं, ऐसे लोगो को उनकी रूचि अनुसार भारतीय सरकार कौशल विकास कार्यकम के अंर्तगत डिग्री और प्रमाणपत्र प्रदान कर के उन्हें स्वयं के रोजगार के लिए ऋण प्रदान कर सकती हैं,
हमारा देश पूर्णत विकासशील देश हैं, देश के विकास के साथ ही साथ जनसंख्या मैं भी बढोतरी हो रही हैं, परिवार नियोजन पर पिछली और अभी की सरकार का पूरा धयान हैं पर फिर भी अनपढ़ भारत और कहा जाये तो पिछड़ते भारत को समझाना और बढती हुई आबादी को कम करना बमुश्किल हैं, जब हमारी आबादी बढ़ रही हैं तो हमारे देश मैं पिछड़े हुए लोगो की भीड़ सी हो गयी हैं, यह पिछड़े लोगो को हम दो वर्ग मैं बाँट सकते हैं ऐसे लोग जो की अनपढ़ हैं, और दुसरे जिन्होंने कुछ हद तक पढाई की हैं पर कौशल और व्यावसायिक शिक्षा के आभाव मैं अच्छे रोजगार से वंचित हैं, ऐसे लोगो को उनकी रूचि अनुसार भारतीय सरकार कौशल विकास कार्यकम के अंर्तगत डिग्री और प्रमाणपत्र प्रदान कर के उन्हें स्वयं के रोजगार के लिए ऋण प्रदान कर सकती हैं,
२०२२ तक हमें १ करोड़ कौशल श्रमशक्ति की आवश्यकता होगी, हमारे देश की श्रमिक आबादी का ६० प्रतिशत अपने कार्य मैं कौशलता नहीं रखता हैं, हमे आगे चलाकर ९९ हजार प्रशिक्षित श्रमिंक की आवशयकता केवल पेट्रोकेमिकल मैं और ३५ लाख श्रम्निक की आवशयकता फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र
मैं होगी , सरकार ने पहले ही श्रमेव जयते कार्यकर्म को हरी झंडी दे चुके हैं, उसमे भी श्रमिक वर्ग को काम और रूचि के हिसाब से प्रशिक्षण दिया जा रहा हैं|
भारत मैं २०१२ तक ४०.१७ करोड़ बेरोजगार के आकडे सरकार के पास उपलब्ध हैं, यह अब इससे काफी अधिक हो सकते हैं, जहा तक हम देखे तो एक देश को मुख्यत उसके युवा शक्ति, युवा सोच और युवा जोश की ख़ास जरुरत होती हैं,
आखरी और महत्वपूर्ण बात पिछली सरकार द्वारा चलायी गयी महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी, दुनिया का सबसे बड़ा लोक निर्माण कार्यक्रम बन कर उभरा हैं, यहाँ शुद्ध तौर पर कहा जाए तो यह १८.२० करोड़ लोगो को प्रतिबर्ष रोजगार प्रदान करता हैं|
इस लेख के आखरी मैं इतना कह सकता हूँ की हम हर एक भारतीय को अपनी सरकार और देश को मदद करने के लिए अधिक से अधिक लोगो को सरकार की नई निति और योजना की जानकारी देना चाहिये ताकि देश के युवा जो की अपनी रूचि के हिसाब से अपने पसंदीदा क्षेत्र बिशेष मैं कौशल विकास हासिल करना चाहते हैं और प्रारंभिक शिक्षा से भी वंचित रह गए हैं, फिर से विश्व युवा कौशल दिवस पर एक नयी शुरुआत और मजबूत इरादों के साथ, देश को और मजबूती प्रदान कर सकते हैं |
धन्यवाद
आरिन
समस्त आकडे सरकारी विभागों से प्राप्त
किये गए हैं-
http://www.nsdcindia.org/hi/
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